Sunday, February 10, 2013

"लड़के की जल्दी शादी करके महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को कम किया जा सकता है /"( डॉ इंदिरा शर्मा (भारतीय मनोरोग सोसाईटी की नव नियुक्त अध्यक्ष का बयान)

आज दिनांक 10th फरवरी 2013 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया  में प्रकाशित डॉ इंदिरा शर्मा (भारतीय मनोरोग सोसाईटी की नव नियुक्त अध्यक्ष  ) का बयान जो छत्तीसगढ़ के प्रमुख सांध्य " दैनिक छत्तीसगढ़ " में प्रकाशित हुआ है जिसमे उन्होंने कहा की "लड़के की जल्दी शादी करके महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को कम किया जा सकता है /"

उनके इस बयान से मै सहमत हूँ  ,क्यूँ की मैंने 25 जनवरी 2013 को अपने ब्लॉग तथा फेसबुक  में " ये क्या हो रहा है ?" शीर्षक से एक लेख लिखा था जिसमे मैंने लड़के एवं लड़कियों की शादी जल्दी करने पर अपना विचार व्यक्त किया था और साथ में यह भी कहा था की 13-14 वर्ष के बच्चों को हर महीने किसी मनोरोग विशेषग्य से काउंसलिंग करवानी चाहिए /. इसके लिए सरकार को चाहिए की वे हर एक स्कूल एवं कालेजों में एक मनोरोग विशेषज्ञ नियुक्त करे और बच्चो का काउंसलिंग करवाएं /.काउंसलिंग केवल सेक्स तक सिमित न रहके जीवन में कैसे पसिटिव विचार अपनाएं , जीवन में कैसे आगे बड़े , किसी भी कारण से निराशा की भावना न आये या डिप्रेशन में न जाएँ , इसके लिए भी काउनसेल्लिंग बहुत ही आवश्यकता है /.


" ये क्या हो रहा है ? शीर्षक के नाम से जो विचार मैंने 25जनवरी 2013 को लिखा था उसमे से थोडा अंश जिसमे मैंने शादी जल्दी करवाने पर विचार व्यक्त किया था तथा काउन्सेल्लिंग के बारे में भी अपना विचार दिया था वह आपके अवलोकनार्थ नीचे लिखा हुआ है -----


" ये क्या हो रहा है ? सभी स्कूलों और कलेजों में कौन्सेल्लिंग की क्लास  अनिवार्य रूप से होना चाहिए विशेष रूप से 13 से 17 साल के बच्चों का तो कौंसेल्लिंग होना ही चाहिए /.इस बड़ती  उम्र में जिज्ञासा भी रहती है सेक्स के बारे में /. इन जिग्यासयों का सठिक उत्तर एक साइकेट्रिस्ट कोउन्सेल्लिंग के द्वारा तथा माँ -बाप बिना झीजक के अपने बच्चों को देना चाहिए /. लड़कों का भी शादी का उम्र 21 से 18 कर देने पर विचार करना चाहिए /. इस प्रकार का जुर्म सेक्स के प्रति जिज्ञासा तथा चाह के कारण होता है /. यह केवल शहर तक न सीमित रहे अपितु गांव -देहात के बच्चों तथा लोगों का भी कौन्सेल्लिंग तथा सेक्स के बारे में समझाना बहुत ही जरूरत है। सभी को इसके लिए आगे आने की ज़रूरत है तथा पुलिस को भी इसमें शामिल कर उनकी मदद हमे करनी चाहिए /."



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